printer kya hai in hindi

hello friends आज के blog में हम printer kya hai in hindi के बारे में देखेंगे। कैसे प्रिंटर की शुरुआत हुई? प्रिंटर के कितने प्रकार है और कौनसा प्रिंटर धीमा है और कौनसा प्रिंटर तेज काम करता है इन सभी सवालो का जवाब इस ब्लॉग में मिलेगा। तो शुरू करते है।

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प्रिंटर क्या है: printer kya hai in hindi

Printer एक हार्डकॉपी आउटपुट डिवाइस (Hard copy Output Device) है जो कम्प्यूटर द्वारा दिए गए Result या Output को कागज पर Print करके User को उपलब्ध कराता है।

प्रिन्टर का आविष्कारक:father of printer in hindi

प्रिन्टर का आविष्कार Johannes Gutenberg द्वारा किया गया। इन्हें Father of Print भी कहा जाता है। Printer Hard copy Output Device है क्योंकि प्रिन्टर द्वारा दिया गया परिणाम पावर सप्लाई बन्द होने पर भी नष्ट नहीं होगा। प्रिन्टर आउटपुट की  Permanent Copy प्रदान करनेवाला output डिवाइस है।प्printer का प्रयोग Text, Graphics एवं Image का आउटपुट पेपर पर प्राप्त करने हेतु किया जाता है। प्रिंटर का प्रयोग हार्डकॉपी आउटपुट डिवाइस के रूप में सर्वाधिक किया जाता है।

प्रिंटर में प्रिंटिंग डॉट (Dot) द्वारा की जाती है जबकि प्लॉटर में Pen द्वारा प्रिंटिंग की जाती है।  प्रिंटर को कम्प्यूटर से पैरेलल पोर्ट की सहायता से जोड़ा जाता है।

प्रिंटर की Speed PPM (Page Per Minute) में मापी जाती है।

प्रिन्टर की गुणवत्ता DPI (Dot Per Inch) में मापी जाती है।

कम्प्यूटर से परिणाम या आउटपुट बहुत तेज गति से मिलता है तथा प्रिन्टर इतनी तेज गति से कार्य नहीं कर पाता, इसलिए प्रिन्टर में मेमोरी का भी प्रयोग किया जाता है जो जानकारियों को प्रिन्टर में ही स्टोर करले तथा यहाँ से Results को धीरे-धीरे प्रिन्टर प्रिन्ट करता रहे।

प्रिन्टर का वर्गीकरण (Classification of Printer in hindi)

 कम्प्यूटर द्वारा दिए गए आउटपुट को हार्डकापी के रूप में कराने वाले हार्डकॉपी आउटपुट डिवाइस प्रिन्टर (Printer) को
निम्नानुसार वर्गीकृत किया गया है
  •  प्रिन्टिंग क्षमता के आधार पर (Based on Printing Efficiency)
  •  प्रिन्टिंग तकनीक के आधार पर (Based on Printing Technique)

प्रिन्टिंग क्षमता के आधार पर प्रिन्टर के प्रकार:- printer ke parkar kya hai in hindi

प्रिंटिंग क्षमता के आधार भी कंप्यूटर को 3 भागो में बांटा गया है
Character Printer
Line Printer
Page Printer

प्रिन्टर को उनकी Printing Efficiency अर्थात् कितने Time में कितना Data प्रिन्ट कर सकते हैं, के अनुसार निम्न प्रकार से वर्गीकृत किया गया है।

1. कैरेक्टर प्रिन्टर (Character Printer kya hai in hindi):- कैरेक्टर प्रिन्टर ऐसे Printer होते हैं जो एक बार में एक अक्षर (Character) ही प्रिन्ट करते है। इस प्रकार के प्रिन्टर को Serial Printer भी कहा जाता है।

2. लाइन प्रिन्टर (Line printer kya hai in hindi ):- यह Printer एक बार में। एक पूरी Line प्रिन्ट करता है। इस प्रिन्टर की प्रिन्टिंग गति तीव्र होती है।

3. पेज प्रिन्टर (Page printer kya hai in hindi )—पेज प्रिन्टर एक बार में एक पेज प्रिन्ट करता है। वर्तमान समय में सर्वाधिक काम में लिये। जाने वाले प्रिन्टर पेज प्रिन्टर ही है।

प्रिन्टिंग तकनीक के आधार पर प्रिन्टर के प्रकार:(Based on Printing Technique)

प्रिन्टर द्वारा प्रिन्ट देने के लिए मुख्यतः दो विधि प्रयुक्त की जाती है।

1. इम्पैक्ट प्रिन्टिंग (Impact Printing)

2. नॉन इम्पैक्ट प्रिन्टिंग (Non Impact Printing)

इन प्रिन्टिंग तकनीकों के आधार पर प्रिन्टरों का वर्गीकरण निम्नानुसार है-

इम्पैक्ट प्रिन्टर (Impact printer kya hai in hindi ) :- इम्पैक्ट प्रकार के प्रिन्टर ऐसे प्रिन्टर होते है जो प्रिन्टिंग के समय अपनाImpact प्रभाव छोड़ते है। Impact प्रकार की प्रिन्टिंग typewriter की प्रिन्टिंग विधि के समान ही होती है।

इस प्रकार के प्रिन्टर में एक Printing Head होता है । प्रिन्टिंग हैड जब स्याही के रिबन पर प्रहार करता है तो रिबन के नीचे रखे पेपर पर प्रिन्टिंग हैड पर उस समय उपस्थित अक्षर (Character) छप जाता है। इम्पेक्ट प्रिन्टर में इलेक्ट्रोमैग्नेट या सॉलेनाइट मैकेनिज्म का प्रयोग किया जाता है।

* इम्पेक्ट प्रिन्टर द्वारा केवल एक ही रंग का आउटपुट प्राप्त होता है। इम्पैक्ट प्रकार के प्रिन्टर अन्य प्रिन्टरों की तुलना में शोर (Noise) Create करते हैं।

इम्पैक्ट प्रिंटर के प्रकार (Types of Impact Printer)

(i) डॉट मैट्रिक्स प्रिन्टर (Dot Matrix printer kya hai in hindi ) :-
डॉट मैट्रिक्स एक Impact प्रकार का प्रिन्टर हैं। डॉट मैट्रिक्स प्रिन्टर में एक प्रिन्ट हैड (Print Head) होता है, इसमें प्रिन्ट हैड बायें से दायें तथा दायें से बायें घुमता है। प्रिन्ट हैड में अनेक पिनों (Pins) का एक मैट्रिक्स (Matrix) होता है। पिनों की संख्या अधिक होने पर प्रिन्टिंग आकर्षक होती

Printing Head में 7, 9, 14, 18 या 24 पिनों का एक उर्ध्वाधर समूह (Horizontal Group) होता है।

डॉट मैट्रिक्स प्रिन्टर के द्वारा Graph, Chart आदि भी बनाए जाते हैं। * डॉट मैट्रिक्स प्रिन्टर प्रत्येक कैरेक्टर (Character) की बिन्दुओं के विन्यास को निरूपित करता है। * डॉट मैट्रिक्स प्रिन्टर को जोड़ने हेतु Parallel Port का प्रयोग किया जाता है।

डॉट मैट्रिक्स प्रिन्टर को मोनो प्रिन्टर (Mono Printer) कहा जाता है।

डॉट मैट्रिक्स एक प्रकार का सीरियल प्रिन्टर है।

डॉट मैट्रिक्स प्रिन्टर की प्रिन्टिंग गति 30 से 600 कैरेक्टर प्रति सैकण्ड (Character per Second — CPS) होती है।
डॉट मैट्रिक्स प्रिन्टर में Pre defined Font नहीं होते है इसलिए यह विभिन्न आकार-प्रकार और भाषा के कैरेक्टर एवं Graphics छाप सकता है। डॉट मैट्रिक्स प्रिन्टर की प्रिन्टिंग क्वालिटी बहुत अच्छी नहीं होती है। इसमें प्रिन्ट की क्वालिटी इस्तेमाल की गई पिन की संख्या पर निर्भर करती है।

जैसे—24 पिन डॉट मैट्रिक्स प्रिन्टर अधिक डॉट्स उत्पन्न करता है इसलिए यह 9 पिन डॉट मैट्रिक्स प्रिन्टर के मुकाबले बेहतर क्वालिटी की प्रिंटिंग उपलब्ध कराता है।

डॉट मैट्रिक्स प्रिन्टर के disadvantage अधिक Noisy होना, Printing Quality में कमी होना आदि है।

डेजी व्हील प्रिन्टर (Daisy Wheel printer kya hai in hindi ) :-

डेजी व्हील प्रिन्टर Solid Font वाला एक इम्पैक्ट प्रकार का प्रिन्टर है। इस प्रिन्टर के प्रिन्ट हैड की आकृति गुलबहार पुष्प (Daisy) जैसी है, इसलिए इसे Daisy Wheel Printer नाम दिया गया।

इन प्रिन्टर्स के द्वारा Images, Graphics नहीं छापे जा सकते। ये प्रिन्टर बहुत आवाज करते हैं तथा इनकी प्रिन्टिंग गति डॉट मैट्रिक्स की अपेक्षा धीमी होती है।इस प्रिन्टर को Letter Quality Printer भी कहा जाता है, क्योंकि इस प्रिन्टर के आउटपुट की स्पष्टता उच्च क्वालिटी की होने के कारण इसका उपयोग पत्र आदि छापने में होता है।

लाइन प्रिन्टर (Line printer kya hai in hindi )

इस प्रकार के प्रिन्टरों में एक बार में एक कैरेक्टर छापने के बजाय एक लाइन को एक बार में छापा जाता है। इस प्रकार के प्रिन्टरों की प्रिन्टिंग स्पीड 300 से 3000 LPM होतीहै। LPM का पूर्ण रूप Line per Minute होता है। लाइन प्रिन्टरों का प्रयोग Mini एवं Mainframe कम्प्यूटर में बड़ेएवं Special Task हेतु होता हैं।

लाइन प्रिन्टर में भी hammer का उपयोग किया जाता है जो कि Ink ribbon से टकराता है परन्तु इन प्रिन्टर में प्रत्येक कॉलम के लिए hammers की एक सीरिज होती है। जिससे पूरी लाइन को एक बार में ही प्रिन्ट किया जा सकें।इस प्रकार के प्रिन्टरों का प्रयोग Bank, Railway, LIC आदि कार्यालयों में होता है। लाइन प्रिन्टर की प्रिन्टिंग स्पीड तीव्र होती है लेकिन इनका आकार बड़ा होता है एवं मैन्टेनेन्स Cost अधिक होती है।

लाइन प्रिन्टर के प्रकार :-

ड्रम प्रिन्टर (Drum printer kya hai in hindi )

ड्रम प्रिन्टर (Drum Printer) एक ऐसा प्रिन्टर होता है, जिसमें तेज घूमने वाला Drum होता है, जिसकी सतह पर अक्षर (Character) उभरे रहते हैं।इस प्रिन्टर में प्रयुक्त ड्रम का आकार बेलनाकार होता है।यह एक Line प्रकार का प्रिन्टर है, जिसमें ड्रम तेजी से घूमता है तथाएक घूर्णन (Rotation) में एक लाइन छापता है

इस प्रकार के प्रिन्टर में प्रिन्टिंग के लिए ड्रम के सामने पेपर रखना होता है, ड्रम के पीछे हेमर (hammers) की एक सीरीज लगी होती है, जैसे ही ड्रम रोटेट करता है वैसे ही Hammer उस desired कैरेक्टर को पेपर पर प्रिन्ट कर देता है।ड्रम प्रिन्टर 200 से 3000 LPM (Lines per Minute) प्रिन्ट करने की क्षमता रखते हैं।

चेन प्रिन्टर (Chain printer kya hai in hindi ) :-
ये प्रिन्टर प्रिन्टिंग हेतु एक Chaining Mechaism का use करते हैं।चेन प्रिन्टर में एक विशेष प्रकार की तेजी से घूमने वाली Chain होती है, इस चेन को प्रिन्ट चेन (Print chain) कहा जाता है, ये चेन बहुत तेज गति से rotate करती है।चेन में Metal Character एवं अंकों (Numbers) की एक श्रृंखला होती है, जिसे चालू करने पर ये Chain, hammers के एक Set के चारों और घूमती (rotate करती है। जब desired character चुने गए print column के Front में होता है तो hammer द्वारा paper को पहले Ink ribbon में और फिर Chain में उस Character पर hit किया जाता है तो कैरेक्टर कागज पर छप जाता है।

चेन प्रिन्टर्स की गति 2100 से 2500 कैरेक्ट प्रति मिनट होती है लेकिन इन प्रिन्टर्स की pulies बहुत जल्दी खराब होती है। नोट- Pulie वो होती है, जिसके चारों ओर Chain लिपटी होती है।

बैण्ड प्रिन्टर (Band printer kya hai in hindi )

बैण्ड प्रिन्टर एक प्रकार का Line प्रिन्टर ही है। यह प्रिन्टर चेन प्रिन्टर के समान ही कार्य करता है, इस प्रिन्टर में Chain के स्थान पर स्टील का प्रिन्ट बैंड होता है।

नॉन इम्पैक्ट प्रिन्टर (Non-Impact Printer) :-
नॉन-इम्पैक्ट प्रिन्टर में Printing head and Paper connection नहीं होता है।
नॉन इम्पेक्ट प्रिन्टर में विद्युत एवं रासायनिक विधि द्वारा प्रिन्टिंग की जाती है। ये प्रिन्टर शोर कम करते हैं एवं इनकी प्रिन्टिंग स्पीड तेज होती है।

इन प्रिन्टर से रंगीन (Color) आउटपुट भी प्राप्त किया जा सकता है। इन प्रिन्टर्स द्वारा एक बार में केवल एक ही प्रति (Copy) प्रिन्ट होती है। इन प्रिन्टर्स से टेक्स्ट (Text), रेखाचित्र (Image) आदि प्रिन्टहो सकता हैं।नॉन इम्पैक्ट प्रिन्टर में Output produce करने के लिए Ink Sprayकी जाती है। ये less Noisy होते हैं

 Non-Impact प्रिन्टर उच्च Quality के साथ Black & White एवं Colour Printout generate करने में सक्षम है। Non-Impact प्रकार के प्रिन्टर निम्नलिखित होते है:-

थर्मल प्रिन्टर (Thermal printer kya hai in hindi ) :-थर्मल प्रिन्टर में ऐसी तकनीक का इस्तेमाल होता है जिसमें Wal आधारित Ribbon के जरिए Character Print किया जाता हैथर्मल प्रिन्टरों का उपयोग Label, Barcode, Payment Receipt और Shipping labels आदि create करने हेतु होता है। इस प्रिन्टर द्वारा कागज पर Print होने वाला अक्षर अधिक समय तककागज पर नहीं टिकेगा अर्थात् अपने आप मिट जायेगा ।थर्मल प्रिन्टर द्वारा प्रिन्टिंग हेतु विशेष प्रकार का थर्मोक्रोमिक कागज प्रयोग में लिया जाता है।

थर्मल प्रिन्टर का प्रयोग ATM में किया जाता है।

लेजर प्रिन्टर(Laser printer kya hai in hindi ):-
Personal Computer के साथ प्रयुक्त होने वाला सबसे आम प्रकार का प्रिन्टर है।इस प्रिन्टर में उच्च गति से एक Plain Paper पर high Quality वाले Characters और Pictures को Print कर सकता है।इस प्रिन्टर द्वारा किसी अक्षर को प्रिन्ट करने हेतु उस पर Laser Beam (लेजर किरणे) डाली जाती है।

लेजर प्रिन्टर में जब किसी डॉक्यूमेंट का प्रिन्ट करने हेतु भेजते हैं एक विशेष प्रकार की लेजर बीम (Laser beam) electric charge का उपयोग करके document के चित्र एवं अक्षरों को Selenium- Coated ड्रम में draw कर देती है, ड्रम का चार्ज होने पर dry Ink के Powder पर Role करके प्रिन्टिंग की जाती है। इस प्रकार के प्रिन्टर में प्रिन्टिंग हेतु एक विशेष प्रकार की सुखी स्याही (dry ink) का पाउडर प्रयुक्त होता है, जिसे टोनर (Toner) कहते हैं। रंगीन Laser Printer High Quality का coloured Output भी देते हैं।

फोटोकॉपी मशीन में लेजर प्रिन्टर प्रयुक्त होता है। लेजर प्रिन्टर सर्वाधिक तेज गति से कार्य करने वाला प्रिन्टर होता है। लेजर प्रिन्टर की गति सर्वाधिक होने से इसका प्रयोग घरों, सरकारी कार्यालयों आदि में होता है।Laser Printer एक बार में पूरा पेज प्रिन्ट कर सकते है इसलिए इसे Page printer भी कहा जाता है।

इंकजेट प्रिन्टर (Inkject printer kya hai in hindi ):-
इंकजेट प्रिन्टर सबसे सामान्य प्रकार के Non Impact Printer है।  इस प्रकार के प्रिन्टर अक्षरों और ग्राफिक्स को पेपर पर प्रिन्ट करने के लिए स्याही की Tiny drons का प्रयोग करते हैं।
इस प्रिन्टर में एक Print Head होता है, जिसमें छोटे-छोटे बारीक छिद्रों वाले नोजल (Nozzle) होती है। इसमें एक विशेष प्रकार की स्याही बूंदों की बौछार के रूप में कागज पर छोड़ी जाती है जिससे कागज पर Character एवं आकृतियाँ छप जाती है।इस प्रिन्टर में एक स्याही की बॉटल होती है, जिसे कार्टेज (Cartridge) कहते हैं।
 यह प्रिन्टर घरों एवं ऑफिस में प्रयुक्त होता है। 3. रंगीन स्याही की बॉटल में तीन मूल रंग लाल, नीला और पीला(Red, Blue and Yellow) होता है।इस प्रकार के प्रिन्टर high-quality color प्रिन्टआउट भी Produce करते है।

 

आप ने प्रिंटर क्या है। प्रिंटर के कितने प्रकार है और कोन्सा प्रिंटर धीमा है और कौनसा प्रिंटर तेज काम करता है सभी के बारे में जाना, आशा है आप को लेख पसंद आया हो और अगर आप को कुछ नई और अच्छी जानकारी मिली तो सब्सक्राइब करे और अपने दोस्तों को शेयर करे

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